गुरु ने हमें दो अदृश्य चीजों के बारे में बताया, वो क्या है?
एक एक पंक्ति में इन दोनों के बारे में बताओ।
मन और आत्मा
मन हैं हमारे खयालों का पुंज - जहां भी बैठते हैं, जो भी सुनते है, वो हमारे ख्याल बन जाते हैं
आत्मा है वह शक्ति जिससे यह मन भी चालित है। गुरु के साथ हमें पता चलता है कि हम मन नहीं आत्मा है।
मन कब तक विषय वासना में उड़ता है? इसका उत्तर किसी सूत्र से बताएं।
मन पंछी तब लग उड़े विषय वासना माँही, प्रेम बाज की झपट जब लग आयो नाही
जब गुरु के प्रेम की झपट में आ गए तो वो हमको छोड़ेगा नहीं, मैं मैं नहीं बचेगी।
कृष्ण ने अर्जुन से क्या मांगा? गुरु भी हमसे क्या मांगता है? क्यूं मांगता है?
इससे हम क्या समझते हैं?
मन बुद्धि मुझे अर्पण कर - केवल मन बुद्धि मांगी भगवान ने।
मन गुरु को बेच दें, यह जो भी बात लिए उसपर विश्वास नहीं करो, इसकी सुनो ही नहीं, केवल गुरु की सुनो। मन को नो करो और गुरु को yes।
क्योंकि मन ने ही हमें अशांत किया है, संसार मैं दौड़ाया है, मन दूसरे में रहता है, अंधा है, सच नहीं जानता, और नेगेटिव बातें ही लाता है। यह सिर्फ गुरु से डरता है और गुरु के सामने सत्संग में ही शांत रहता है। अपने मन की हर बात गुरु को बताएं, मन जो भी कहे उससे उल्टा चलें
"गुरु के आगे मन बुद्धि न चले"
इसी संदर्भ में कोई प्रकरण या दृष्टांत सुनाएं।
गुरु नानक देव जी ने कहा रात को 2 बजे कपड़ा धोकर आओ, बाबा बुड्ढे की मन बुद्धि चलती रहती थी, बोला अंधेरा लगा पड़ा है, सुबह कर देंगे, अभी जल्दी क्या पड़ी है। लहने ने रात को ही कपड़े धो दिए, उसके लिए प्रकाश हो गया, कपड़े सूख भी गए, अच्छे से तय करके प्रेस भी हो गए। विश्वासी यह करिश्मा देखता है।
"गुरु पर अटूट श्रद्धा हो" अपने जीवन को बनाने के लिए
इस पर कोई प्रकरण सुनाएं।
गुरु अंगद साहिब के पास रामदास आते थे। एक दिन बगीचा बना था, गुरु ने कहा पेड़ के चारों तरफ थला बनाओ
गुरु ने कहा यह तो बेकार है एकदम बैठने लायक ही नहीं है तोड़ो इसे।
लड़कों को कहा तोड़ो तो बोले बिल्कुल ठीक बना है, बिल्कुल नहीं तोड़ेंगे
रामदास ने कितनी बारी तल्ला बनाया कितनी बारी बिगाड़ा। एक औरत देख रही थी बोली तेरा मन नहीं चला। मेरे गुरु को जो पसंद आयेगा।
मेरी एक ही ख्वाइश है जो मेरे गुरु को पसंद आए वही करूंगा। उसको मेहनत भी नहीं लग रही।
"जब मन सही तो सब सही"
इसपर कोई दृष्टांत या प्रकरण सुनाएं? कोई भजन की पंक्ति भी सुनाएं।
एक फैक्ट्री अचानक चलते चलते रुक गई, करोड़ों की फैक्टरी बंद हो गई, लाखों मजदूर काम कर रहे थे,सब परेशान हो गए
एक foreign रिटर्न engineer आया उसने कहा एक रुपए का पेच लगेगा लेकर आओ
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